04 अप्रैल 2023

Digital Marketing Kya Hai - पूरी जानकारी

 

 Digital Marketing Kya Hai - पूरी जानकारी

आधुनिक  युग में अब  सभी  सेवाए ऑनलाइन  हो गई है। इंटरनेट ने हम लोगो के  जीवन को बेहतर बनाया है और हम लोग  इसके माध्यम से कई सुविधाओं का आनंद केवल मोबाइल और कंप्यूटर  के ज़रिये ले रहे है ।

ऑनलाइन शोपिंग , टिकेट , रिचार्ज , बिल पेमेंट , ऑनलाइन ट्रांजेक्ट्सन,  ऑनलाइन सभी प्रकार के शिक्षा सम्बंधित कोर्स आदि जैसे कई काम हम इंटरनेट के ज़रिये कर सकते है । इंटरनेट के वजह से हम लोगो का  रुझान Digital Marketing के तरफ बढ़ रहा है ।

यदि हम market की ओर नज़र डालें तो लगभग 80% से 85%  उपभोक्ता  किसी भी  product को खरीदने से पहले या service लेने से पहले online research करते है । इस तरह  किसी भी कंपनी या बिज़नेस के लिए डिजिटल मार्केटिंग जरुरी हो जाती है।  

 

अपनी वस्तुएं और सेवाओं की डिजिटल साधनो से मार्केटिंग करने की प्रतिक्रिया को डिजिटल मार्केटिंग कहते है ।डिजिटल मार्केटिंग online माध्यम से करते हैं । इंटरनेट, कंप्यूटर,  मोबाइल फ़ोन , लैपटॉप , website advertisements या किसी अन्य  applications द्वारा हम इससे जुड सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग new costumer  तक पहुंचने का सरल माध्यम है। यह बाजार  गतिविधियों को पूरा करता है। इसे ऑनलाइन मार्केटिंग भी कहा जा सकता है। कम समय में अधिक लोगों तक पहुंच कर विपणन करना डिजिटल मार्केटिंग है। यह प्रौद्योगिकी  विकसित करने वाला विकासशील क्षेत्र है।

 


डिजिटल मार्केटिंग और इसके लाभ

 Advantages of Digital Marketing

Benefit of Digital Marketing in Hindi- तेजी से  बदलती हुई इस  दुनिया में डिजिटल मार्केटिंग एक बहुत ही सुनहरा अवसर है जिसे लोगो के बीच तक पहुचने में सरल माध्यम है । क्योंकि अगर आप कोई नया बिजनेस शुरू करते हैं  तो आपको अपना प्रोडक्ट या सेवाये  ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना आप की पहली प्राथमिकता होगी। जिसके लिए आप को सबसे ज्यादा जरूरत होती है । अपने ब्रांड एवं सेवायों के बारे में बताने की आधुनिक  समय में Digital Marketing बहुत ही ज्यादा आसान है आप सोशल मीडिया पर बहुत ही  आसानी से Digital Marketing कर सकते हैं और अपने कंपनी या ब्यवसाय  को एक नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं। 

डिजिटल मार्केटिंग के फायदे (Benefit of Digital Marketing) को हम एक उदाहरण के साथ समझने की कोशिश करते हैं- मान लीजिए आप ने अपनी कॉलोनी में एक किराना की शॉप  खुली है और आप अपनी कॉलोनी के लोगों को अपनी दुकान से सामान sell करते  हैं तो इस स्थिति  में आपकी टारगेट कस्टमर केवल आपके कॉलोनी के लोग रहेंगे लेकिन आपने डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अपनी दुकान का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए प्रमोशन किया तो आप इससे बड़ी टारगेट तक अपना सामान बेच पाएंगे और अपना मुनाफा भी बढ़ा  पाएंगे। 

 

SEO (Search Engine Optimization) क्या है ।

 

SEO एक ऐसा system है जिसके द्वारा Website को गूगल के First Page पर  रैंक कराते है। Search Engine Optimization में हम अपने वेबसाइट को अलग – अलग  SEO Factors के अनुसार Optimize करते है जिससे वेबसाइट की रैंकिंग SERP में बढ़ जाती है ।  यह एक Organic तरीका है जिसमे हम अपने वेबसाइट के कंटेंट को और वेबसाइट को कई सारे SEO फैक्टर्स के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करते है। जिससे गूगल को Website के बारे में अच्छे से समझने में, Crawling और Indexing करने में और Ranking देने में मदद मिलता है। और इनके वजह से वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ने लगती है।



 

Search Engine Optimization –

आपको नाम से ही कुछ हद तक पता लग रहा होगा की इसमें हम सर्च इंजन के अनुसार अपने वेबसाइट को Optimize करते है।

साधारण भाषा में Google के Ranking Factors, SEO Factors के अनुसार हमे अपने वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करना होता है जिससे वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ती है।

 

SEO वेबसाइट के लिए क्यों आवश्यक  है?

इसे हम  उदाहरण के तौर पे समझे तो, अगर आपके पास एक दूकान है, लेकिन अगर कोई कस्टमर ही ना आये और आपका एक भी सामान ना बीके तो क्या दूकान होने का कोई फायदा होगा? आपका उत्तर होगा, बिलकुल भी नहीं!

ठीक उसी प्रकार जब आप वेबसाइट बनाते है और उसपे काम करते है तो आपका मुख्य उदेस्य क्या होगा, यही न की आपके वेबसाइट पे visitors आये, बहुत सारे लोग आये और आपके ब्लॉग को देखे। लेकिन अगर कोई visitors ही ना आये तो क्या आपके वेबसाइट से आपको कोई फायदा हो पाएगा। बिलकुल भी नहीं! अब यही पे काम होता है SEO का।

 

 SEO एक ऐसा तरीका है जिससे वेबसाइट को गूगल के फर्स्ट पेज पे रैंक कराया जाता है जिससे वेबसाइट पे आर्गेनिक ट्रैफिक आता है।

 

Types of SEO

SEO 3 प्रकार के होते है।

1.  On Page SEO

On Page SEO एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा हम वेबसाइट के Internal Factors पर  काम करते है। मतलब हमे अपने वेबसाइट के Webpage’s को बहुत सारे Techniques से Optimize करना होता है।

 

साधारण भाषा में On Page SEO में हमे SEO Friendly Article लिखना होता है और कंटेंट को अपने Targeted Keyword से Optimize करना होता है। और Optimize करना।

On Page, नाम से ही कुछ हद तक आपको समझ आ रहा होगा की इसमें हम अपने वेबसाइट के पेज पर  काम करते है।

 

2.  Off Page SEO

Off Page SEO में हम अपने वेबसाइट पर  काम नहीं करना होता है। इसके अंदर हमे दूसरी वेबसाइट पे Back links Create करना पड़ता है जिससे हमारे वेबसाइट की रैंकिंग के साथ-साथ Website की Authority और Website Traffic भी बढ़ता है।

 

 मैं आपको Off Page SEO के कुछ Techniques बताता हु जिनके द्वारा Off Page SEO में काम किया जाता है और बैकलिंक्स बनाये जाते है।

  • Profile Creation
  • Guest Posting
  • Forum Submission
  • Directory Submission
  • Web2.0
  • Blog Submission
  • Article Submission
  • PR Submission
  • Documents Submission
  • Image Submission

 

और भी कई सारे तरीके होते है जिसके द्वारा Off Page SEO में हमे दूसरी साइट पे Back links बनाना होता है।

3.  Technical SEO

Technical SEO में हमे वेबसाइट के Technical Factors पे काम करना पड़ता है। जिससे सर्च इंजन को Crawling और Indexing में मदद मिलती है। तो चलिए मैं आपको कुछ Technical Factors के नाम भी बताते है ।

 

Website Loading Speed

Website के Loading Speed पे ध्यान दे। और याद रखे की Website की Loading Speed 3 से 4 Second से ज्यादा न हो। कोशिस करे की Website की Loading Speed 3 Second से कम हो। ये आपके Website के Ranking को Search Engine Result Page पे Improve कर देता है। और आज के समय में Website Speed बहुत ही ज्यादा Important हो चूका है। जिसका असर Directly वेबसाइट के रैंकिंग पे पड़ता है।

 

Sitemap Submit करना            

Sitemap वेबसाइट का मैप की तरह होता है। जहा हमारे सारे वेबसाइट Data की Files होती है एक Roadmap होती है, इसके मदद से Google का Crawler आसानी से वेबसाइट को Crawl और Index करता है।

Robots.txt File

Robots.txt फाइल बनाकर हम Search Engine को बताते है की हमारे वेबसाइट का कोन से पेज को Crawl करना है और किसे नहीं करना है।

 

Broken Links को ठीक करना

कई बार वेबसाइट में Broken Links क्रिएट हो जाता है जिसके वजह से जब भी उस लिंक्स पे कोई क्लिक करता है।

 

SEO एक Organic तरीका है जिसके द्वारा वेबसाइट की Ranking को Search Result में Improve करते है। जिसका मुख्य उद्देश्य वेबसाइट को First Page के First Position पर  रैंक कराना होता है।

 

Affiliate Marketing  की सम्पूर्ण जानकारी –


Affiliate Marketing से पैसे कमाना बहुत ही आसान है लेकिन आपको एफिलिएट मार्केटिंग की पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है. अगर एक बार आप एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाना सीख जाते हैं तो आप Affiliate Marketing की मदद से हर महीने ₹30,000 से लेकर ₹1,00,000 कमा सकते हैं ।

इस पोस्ट में हम जानेंगे की Affiliate Marketing Kya Hai और Affiliate Marketing से पैसे किस तरह से कमाते है ।

  क्या कोई भी व्यक्ति Affiliate Marketing से पैसा कमा सकता है इसके बारे में विस्तार से जानते है ।

 


एफिलिएट मार्केटिंग क्या है ?

एफिलिएट मार्केटिंग को आसन भाषा में समझें तो यह एक ऐसा काम है जिसमें हम किसी व्यक्ति या Company के साथ मिलकर उसके Product या Service का Promotion करने व बेचने का काम करते हैं।

एफिलिएट मार्केटिंग मुख्य रूप से ऑनलाइन की जाती है इसी कारण से एफिलिएट मार्केटिंग में प्रोडक्ट का प्रचार और प्रोडक्ट को बेचने का काम भी ऑनलाइन ही किया जाता है।

एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कैसे कमाए –

एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने का सबसे आसान तरीका है कि आप किसी कंपनी या व्यक्ति के साथ जुड़ जाएं और उसके प्रोडक्ट को या उसकी सर्विस को ऑनलाइन प्रमोट करें।

आप अपनी website, Blog, YouTube channel या फिर Facebook, Instagram, twitter अकाउंट की मदद से ऑनलाइन ही उनके प्रोडक्ट एवं सर्विस को बेचकर पैसे कमा सकते हैं।

अगर आप एफिलिएट मार्केटिंग करके प्रोडक्ट या सर्विस को बेचते है तो आपको उस पर कमीशन मिलता है और वही कमीशन ही आपकी असली कमाई होती है।

एफिलिएट मार्केटिंग में कितनी कमीशन मिली है –

एफिलिएट मार्केटिंग की कमीशन उसके प्रोडक्ट एवं सर्विस की कीमत पर निर्भर करती है. आप जिस प्रोडक्ट को बेच रहे हैं उसकी कीमत ज्यादा है तो आपको उस पर ज्यादा कमीशन मिलेगी लेकिन आप जिस प्रोडक्ट या सर्विस को बेच रहे हैं उसकी कीमत कम है तो आपको उस पर कम कमीशन मिलेगी।

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करे –  एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने के लिए आपको किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट ओर सर्विस को प्रमोट करना होगा अब प्रमोट करने के लिए आपके पास या तो एक Website होनी चाहिए या फिर एक Blog होना चाहिए या फिर एक YouTube Channel होना चाहिए।

अगर आपके पास यह नहीं है तो आपकी फेसबुक में 5000 और उससे भी ज्यादा फ्रेंड होने चाहिए या फिर आपके पास एक फेसबुक पेज होना चाहिए जिसमें 5000, 10,000,  20,000 लाइक हों या फिर आपके इंस्टाग्राम अकाउंट में Followers हों।

जैसे मान लीजिए आपके पास एक फेसबुक अकाउंट है और इसके अलावा कुछ भी नहीं है तो अब आप अपने फेसबुक अकाउंट में ज्यादा से ज्यादा फ्रेंड को जोड़ने की कोशिश कीजिए मान लेते हैं कि आपके फेसबुक अकाउंट में 5000 फ्रेंड हो चुके हैं।

तब आप अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर Affiliate Marketing Product या Service को  अपनी लिंक से शेयर कर सकते हैं ।

 

Best Affiliate Marketing Websites

इंडिया में Affiliate Marketing के लिए कई अलग-अलग Affiliate Marketing Network हैं इनमें से हम कुछ प्रमुख Affiliate Marketing Network की लिस्ट आपके साथ नीचे साझा कर रहे हैं।

1.     Amazon Affiliate Program

2.     Flip kart Affiliate Program

3.     Shop clues Affiliate Program

4.     Go daddy Affiliate Program

5.     eBay Affiliate Program

ऊपर दिए गए किसी भी अपनी एक प्रोग्राम से आप पैसे कमा सकते हैं लेकिन हम इन सब में से Amazon Affiliate Marketing Program से पैसे कैसे कमाए इसके बारे में जानेंगे।

अमेजॉन एफिलिएट मार्केटिंग प्रोग्राम से पैसे कैसे कमाए –

अमेजॉन एफिलिएट मार्केटिंग प्रोग्राम से पैसे कमाने के लिए आपको सबसे पहले अमेजॉन एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करना होगा जिसके लिए आपको सबसे पहले अमेजॉन एफिलिएट प्रोग्राम की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करना होगा। और फिर उसके बाद आप अपने अकाउंट से ऐमेज़ॉन के प्रोडक्ट की लिंग को जनरेट कर अपनी Website, Blog, Facebook Profile, Facebook Page, Instagram Account पर शेयर करके कमीशन कमा सकते हैं।

PPC (Pay-Per-Click)Marketing क्या है? पूरी जानकरी

 

क्या आपने PPC Marketing के बारे में जानते  हैं। PPC का फुल फॉर्म होता है Pay-Per-Click, आज के युग में इंटरनेट का इस्तेमाल हर कोई कर रहा है इसलिए Digital Marketing का इस्तेमाल काफी बढ़ रहा है.

PPC भी डिजिटल मार्केटिंग का ही हिस्सा है तो अगर आप भी PPC के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा अंत तक जरूर पढ़ें।



PPC Marketing क्या है?

PPC का अर्थ है पे-पर-क्लिक (Pay-Per-Click), यह INTERNET मार्केटिंग का एक मॉडल जिसमें Advertisers हर बार अपने किसी विज्ञापन पर क्लिक करने पर पैसे का भुगतान करते हैं। यदि  आप जब भी गूगल पर कुछ सर्च करते हैं तो आपने Search Ads को जरूर देखा होगा जैसा की निचे Image में दिखाया गया है, इसे ही PPC Ad कहते हैं।

जब भी कोई विजिटर इस Ad पर क्लिक करके Advertiser के वेबसाइट पर जाएगा तो हर एक क्लिक का पैसा Advertiser मतलब जिसका Ad है वह गूगल को देगा. 

आप अपने किसी वेबसाइट पर Google Ads से ट्रैफिक लाना चाहते हैं तो आपको Google Ads में अकाउंट बनाना  होगा उसके  बाद Ads बनाना होगा और  जब भी कोई विजिटर आपके Ad पर क्लिक करके आपके वेबसाइट पर आएगा तो आपको हर एक क्लिक का पैसा गूगल को देना होगा।

ईमेल मार्केटिंग क्या है और यह क्यों और कैसे की जाती है ।

आजकल  ऑनलाइन के  माध्यम से पैसे कमाने के कई सारे साधन हो गए हैं. और आज इसकी मांग भी अधिक हो गई है. क्योंकि आज के समय में लोग घर पर बैठे बहुत सारा पैसा कमाने का  अवसर देखते रहते हैं। आज हम उनके लिए ऐसे ही एक अवसर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं वह है ईमेल मार्केटिंग जिसके माध्यम से आप बहुत सारा पैसा कमा सकते हैं।

यह जानने के लिए आपको इस लेख में नजर डालनी होगी. अतः इस लेख को आप अंत तक पढ़ें.

ईमेल मार्केटिंग क्या है (What is Email Marketing Definition ?)

मार्केटिंग का अर्थ होता है, किसी उत्पाद या सेवा का प्रचार करना। यह कई तरीके से होती है, जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से, या ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से, या ब्लॉग के माध्यम से. लेकिन इसे ईमेल के माध्यम से भी किया जा सकता है. जब हम किसी उत्पाद या सेवा का प्रचार करने के लिए ग्राहकों को ईमेल भेजते हैं, तो उसे ईमेल मार्केटिंग कहा जाता है।

ईमेल मार्केटिंग बेहतर क्यों  है ? (Why Email Marketing is Good ?)

ईमेल मार्केटिंग कई कारणों से अच्छा है, यहाँ हम कुछ कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं –

  • ईमेल मार्केटिंग में लागत कम होती है :- ईमेल मार्केटिंग सस्ता है. इसे आप स्वयं भी कर सकते हैं, या यह एक ईमेल मार्केटिंग एजेंसी के माध्यम से भी किया जा सकता है
  • ईमेल मार्केटिंग में मापना आसान है :- अधिकांश ईमेल मार्केटिंग उपकरण यह ट्रैक करने की क्षमता प्रदान करते हैं, कि जब आप एक ईमेल भेजते हैं, तो उससे क्या होता है. इससे आप विशेष रूप से डिलीवरी रेट, बाउंस रेट, अनसब्सक्राइब रेट, क्लिक रेट और ओपन रेट को ट्रैक कर सकते हैं।
  • ईमेल मार्केटिंग की पहुँच बहुत अधिक है :- ईमेल मार्केटिंग थोड़े समय में बहुत सारे दर्शकों तक पहुँच सकता है।
  •  यह ब्रांड जागरूकता एवं ग्राहकों के बीच संबंधों को बेहतर बनाती है :- सही विषय एवं लोगो के साथ नियमित रूप से ईमेल मैसेज भेजने से कंपनी में जागरूकता फैलती हैं. और साथ ही ईमेल एक पारस्परिक संबंध बनाता है। जिससे उचित ग्राहकों के बीच संबंध बेहतर बनता है।
  • यह ग्राहकों तक पहुँचने का एक प्रभावी तरीका है :- कुछ उपभोक्ता ऐसे होते हैं, जिन्हें कुछ विशेष ब्रांड के उत्पाद बहुत पसंद होते हैं। लेकिन उस ब्रांड के ऑफर या अन्य चीजों के बारे में उन्हें पता नहीं चल पाता है। और कंपनी भी अपने ग्राहकों तक नहीं पहुँच पाती है. ऐसे में यदि कंपनी या ब्रांड ईमेल मार्केटिंग के माध्यम से लोगों को अपने ब्रांड के बारे में बताएं, तो इससे वे कई ग्राहकों तक पहुँच सकते हैं। ।
  • यह पर्सनल  है :– जब आप किसी सब्जेक्ट लाइन पर आकर्षक तरीके से एक ईमेल मार्केटिंग के प्रयास कर ईमेल भेजते हैं, तो आपके पास ईमेल खोलने वाले प्राप्तकर्ता का 20 प्रतिशत बेहतर मौका होता है। छोटे व्यवसाय को प्रोत्साहित करने या प्रचार करने

के लिए आप अपने ग्राहकों को अपनी कंपनी की ओर से जन्मदिन की बधाई, पिछली खरीद से सम्बंधित उत्पाद के ऑफर एवं ब्याज से संबंधित कुछ ईमेल भेज सकते हैं

 

Apps Marketing क्या है -

जब ग्राहक उस लिंक द्वारा आपका उत्पाद खरीदता है तो आपको उस पर मेहनताना मिलता है। एप्स मार्केटिंग: इंटरनेट पर अलग-अलग प्रकार के एप्स बनाकर लोगों तक पहुंचने और उन एप्स द्वारा अपने उत्पाद का प्रचार करने को ही एप्स मार्केटिंग कहते है ।

मोबाइल मार्केटिंग

 मोबाइल मार्केटिंग को आम तौर "वायरलेस नेटवर्क के जरिये ग्राहक को किसी तरह के प्रचार या विज्ञापन संबंधी संदेशों के वितरण" के रूप में जाना जाता है।



एसएमएस के जरिए मोबाइल मार्केटिंग-

2000 के दशक की शुरुआत में यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में एसएमएस (शॉर्ट मैसेज सर्विस) का चलन बढ़ने से  मोबाइल फोन पर मार्केटिंग तेजी से लोकप्रिय हो गयी है  जहां व्यवसायों ने मोबाइल फोन नंबरों को इकट्ठा किया और उनपर वांछित (या अवांछित) सामग्री भेजना शुरू कर दिया।

पिछले कुछ वर्षों में एसएमएस दुनिया के कुछ भागों में विज्ञापन का एक वैध माध्यम बन गया है। इसकी वजह सार्वजनिक इंटरनेट पर ई-मेल के विपरीत ऐसे वाहक जो अपने खुद के नेटवर्कों की निगरानी करते हैं, उन्होंने मोबाइल मीडिया इंडस्ट्री (मोबाइल विज्ञापन सहित) के लिए दिशा निर्देश और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियां निर्धारित की हैं। आईएबी (इंटरएक्टिव एडवरटाइजिंग ब्यूरो) और मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन ने भी अपने दिशा निर्देश तय किये हैं और विज्ञापनदाताओं के लिए मोबाइल माध्यम के इस्तेमाल का प्रचार कर रहे हैं।

उत्तरी अमेरिका में सबसे पहला क्रॉस-कैरियर एसएमएस शॉर्ट कोड अभियान 2002 में लैबेट ब्रूइंग कंपनी द्वारा चलाया गया था। पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल शॉर्ट कोड मोबाइल उपभोक्ता से संवाद के लिए एक नए चैनल के रूप में तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।

एमएमएस के जरिए मोबाइल मार्केटिंग

एमएमएस मोबाइल मार्केटिंग में इमेजेज, टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो का एक समय आधारित स्लाइड शो मौजूद हो सकता है। इस मोबाइल सामग्री को एमएमएस (मल्टीमीडिया मैसेज सर्विस) के माध्यम से वितरित किया जाता है। रंगीन स्क्रीन के साथ बनाए गए लगभग सभी नए मोबाइल फोन स्टैण्डर्ड एमएमएस संदेश भेजने और प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।

मोबाइल सृजित एमएमएस का एक बेहतर उदाहरण हाउस ऑफ ब्लूज के आयोजन स्थलों पर मोटोरोला  द्वारा चलाये जा रहे अभियानों का है जहां ब्रांड उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में अपने मोबाइल फोटो एलईडी बोर्ड पर भेजने के साथ-साथ अपनी तस्वीरों को ऑनलाइन ब्लॉग पर डालने की अनुमति देते हैं।

इन-गेम मोबाइल मार्केटिंग

मोबाइल गेमिंग में इस समय अनिवार्य रूप से चार प्रमुख रुझान देखे जा रहे हैं: इंटरएक्टिव रियल-टाइम 3डी गेम्स, मैसिव मल्टी-प्लेयर गेम्स और सोशल नेटवर्किंग गेम्स. इसका मतलब कहीं अधिक जटिल और अधिक परिष्कृत, समृद्ध गेम खेलने की ओर बढ़ता रुझान है। दूसरी ओर तथाकथित अनौपचारिक गेम भी मौजूद हैं, यानी ऐसे गेम जो बड़ी सरलता से और बहुत ही आसानी से खेले जाते हैं। अधिकतर मोबाइल गेम आज ऐसे ही अनौपचारिक गेम हैं और संभवतः आने वाले काफी लंबे समय तक इनका प्रभाव कायम रहेगा।

मोबाइल वेब मार्केटिंग

गूगल और याहू! जैसे कि मोबाइल फोन पर दिखते हैं

विशेष रूप से मोबाइल उपकरणों द्वारा उपयोग के लिए वेब पेज पर विज्ञापन भी एक विकल्प है। मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन रिपोर्टिंग में इस्तेमाल किये जाने वाले विज्ञापनों, प्रस्तुतियों और मैट्रिक्स के निर्देशित स्वरूप के लिए दिशा निर्देशों और मानकों का एक समुच्चय प्रदान करता है।

गूगल, याहू और अन्य प्रमुख मोबाइल सामग्री प्रदाता इस लेखन के समय तक पहले से ही अपनी प्रोपर्टीज पर विज्ञापन प्लेसमेंट बेचते आ रहे हैं। मोबाइल प्रोपर्टीज और विज्ञापनदाताओं पर ध्यान केंद्रित करने वाले विज्ञापन नेटवर्क भी उपलब्ध हैं।

ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल मार्केटिंग

ब्लूटूथ का चलन वर्ष 2003 के आसपास बढ़ना शुरू हुआ और यूरोप में कुछ कंपनियों ने सफलतापूर्वक अपना कारोबार स्थापित करना शुरू कर दिया है। इनमें से ज्यादातर व्यवसाय "हॉटस्पॉट" की पेशकश करते हैं जिसमें ब्लूटूथ की वितरण संबंधी कार्यप्रणाली के साथ एक प्रकार की सामग्री-प्रबंधन प्रणाली से बनी है।

 इस तकनीक के फायदे हैं कि यह अनुमति-आधारित है । इसमें कहीं अधिक स्थानांतरण गति (ट्रांसफर स्पीड) और एक रेडियो-आधारित तकनीक भी मौजूद है और इसलिए इसका बिल नहीं बनाया जा सकता है (यानी यह नि:शुल्क है). ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग के लिए संभवतः सबसे पहले बनाया गया उपकरण एम्बीसेन्स (Ambien Sense) प्रोजेक्ट (2001-2004) का कांटेक्स्ट टैग था।

अभी हाल ही में टाटा मोटर्स ने अपने ब्रांड सूमो ग्रैंडे के लिए भारत में सबसे बड़े ब्लूटूथ मार्केटिंग अभियानों में से एक चलाया। इसी तरह की और भी गतिविधियां अन्य ब्रांडों जैसे कि वाल्ट डिज्नी द्वारा अपनी फिल्म "हाई स्कूल म्यूजिकल" के प्रचार-प्रसार के लिए संचालित की गयीं हैं।

इन्फ्रारेड के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग

इन्फ्रारेड मोबाइल मार्केटिंग का सबसे पुराना और सबसे सीमित रूप है। कुछ यूरोपीय कंपनियों ने 90 के दशक के उत्तरार्द्ध में मुक्त इन्फ्रारेड तरंगों के माध्यम से "शॉपिंग विंडो मार्केटिंग" के साथ एक प्रयोग किया था।

 हालांकि इन्फ्रारेड की एक बहुत सीमित श्रृंखला है (~ लगभग 10 सेमी - 1 मीटर) और यह वास्तव में एक अग्रणी मोबाइल मार्केटिंग तकनीक के रूप में खुद को कभी स्थापित नहीं कर पायी।

प्रॉक्सिमिटी सिस्टम्स के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग

प्रॉक्सिमिटी सिस्टम्स के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग, जिसे प्रॉक्सिमिटी मार्केटिंग भी कहा जाता है, यह जीएसएम 03.41 पर निर्भर करती है जो शॉर्ट मैसेज सर्विस - सेल ब्रॉडकास्ट को परिभाषित करती है।

एसएमएस-सीबी संदेशों (विज्ञापन, सार्वजनिक सूचना, आदि) को एक निर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए प्रसारित करने की अनुमति देता है। 

फिलीपिंस में जीएसएम-आधारित प्रॉक्सिमिटी प्रसारण प्रणालियों को चुनिंदा सरकारी एजेंसियां सरकार द्वारा संचालित समुदाय-आधारित कार्यक्रमों पर सूचनाओं के प्रसार के लिए इस्तेमाल करती हैं जिससे कि इसकी पहुंच और लोकप्रियता (फिलीपींस में एसएमएस का दुनिया भर में सबसे अधिक ट्रैफिक होता है) का फ़ायदा मिल सके. इसका इस्तेमाल व्यावसायिक सेवाओं के लिए भी होता है।

 जिसे प्रोक्सिमा एसएमएस के रूप में जाना जाता है। ब्रिटेन में एक सुपर-रीजनल शॉपिंग सेंटर, ब्लूवाटर में एनटीएल द्वारा दी गयी एक जीएसएम आधारित प्रणाली मौजूद है जो कॉलों के लिए इनके जीएसएम कवरेज में मदद करती है। साथ ही यह एक मोबाइल फोन के जरिये प्रत्येक ग्राहक पर नजर रखने में भी मदद करती है कि वह सेंटर की किन दुकानों में जा रहा है और कितनी देर तक के लिए जा रहा है।

 

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